सिक्युरिटी गार्ड ने मैनेजर को मारी गोलियां, इंतजार के बाद हुआ शव का एक्सरे
सूरत.

सूरत.घोड़दौड़ रोड स्थित एलबी पार्क सोसाइटी में गुरुवार देररात को एक निजी सिक्युरिटी एजेंसी के एरिया मैनेजर आैर गनमैन के बीच किसी बात को लेकर हुए झगड़े में गनमैन ने एरिया मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना स्थल से फरार हुए आरोपी को बड़ौदा से पकड़ लिया गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मूल पंजाब निवासी 50 वर्षीय मेवासिंह नंदसिंह भुलार पिछले 13 वर्षों से सूरत में रह रहे थे। वह बड़ौदा स्थित एस्कॉर्ट सिक्युरिटी एजेंसी के एरिया मैनेजर थे। मेवासिंह गुरुवार रात को अपने घर पर थे, उसी समय उमरा गांव निवासी करमजीत सोहन सिंह उनके पास आया। उसी समय मेवासिंह आैर करमजीत सिंह के बीच किसी मामले को लेकर कहासुनी हो गई, बाद में झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया कि दोनों के बीच गाली-गलोच से लेकर हाथापाई तक हुई। इस दौरान करमजीत सिंह ने अपनी लाइसेंस गन से दो फायर किए। जिसमें एक गोली मेवासिंह के कंधे आैर दूसरी गोली घुटने पर लगी। स्थानीय लोगों द्वारा मेवासिंह को फौरन नई 

सिविल अस्पताल

 ले जाया गया। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मेवासिंह के भांजे एलबी पार्क सोसाइटी निवासी सुखजीत सिंह ने अभियुक्त करमजीत सिंह के खिलाफ उमरा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस द्वारा करमजीत सिंह को बड़ौदा से गिरफ्तार कर लिया गया।

करमजीत का परिवार 15 दिन तक रहा था मेवासिंह के घर

करमजीत डेढ़ महीने पहले ही अपनी पत्नी को पंजाब से सूरत लाया था। इस दौरान यह दोनों पति-पत्नी 15 दिनों तक मेवासिंह के मकान पर रहे थे। उसके बाद यह दंपती उमरा गांव रहने चले गए थे। माना जाता है कि उसके बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होना शुरू हो गया था।

दोनों पंजाब के : मेवासिंह व करमजीत सिंह दोनों दोस्त और एक्स आर्मीमैन

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मेवासिंह आैर आरोपी करमजीत सिंह दोनों करीबी मित्र थे। इतना ही नहीं दोनों के गांव भी एक-दूसरे सटे हुए हैं। यह दोनों एक्स आर्मीमैन रह चुके हैं। मेवासिंह 13 आैर करमजीत सिंह 6 वर्षों से सूरत में रह रहे थे।

अभियुक्त करमजीत सिंह का एक पैर नकली

भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए करमजीत सिंह को सीमा पर हुए हमले में अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। तब से उसका एक पैर नकली है।

गोली के निशान जानने के लिए करना पड़ा सवा घंटे इंतजार

मेवासिंह के शव पर दो जगहों पर गोली के निशान मिले थे। वास्तव में मेवासिंह को कितनी गोली लगी हैं, यह जानने के लिए उनके शव को सवा घंटे तक एक्स-रे के लिए रखना पड़ा। दोपहर 12 बजे शव को एक्स-रे के लिए ले जाया गया था, सवा एक बजे के करीब शव का एक्स-रे लिया जा सका।

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