रुड़की में भूकंप का खतरा
रुड़की से दिलशाद खान की रिपोर्ट

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह दावा किया है कि देश के 29 शहरों में रुड़की बेहद गंभीर भूकंपीय क्षेत्रो में आता है जो दुनिया मे भूकंप की दृष्टि से  संवेदनशील क्षेत्रो में से एक है आई आई टी रुड़की के  प्रोफेसर  योगेंद्र पाल  ने बताया उत्तर भारत के ज़्यादातर इलाके भूकंप की दृष्टि से सबसे ज़्यादा संवेदनशील है उन्होंने बताया  भूकंप के रिकॉर्ड, टेक्टॉनिक गतिविधियों और भूकंप से होने वाली तबाही को ध्यान में रखते हुए भूकंपीय क्षेत्र को  2 से 5 ज़ोन के बीच बांटा गया है जिसमे रुड़की 4 ज़ोन में आता है जो दूसरा सबसे ज़्यादातर संवेदनशील है एअर्थक्यूएक विभाग का कहना है कि भूकंप आने से पहले इससे पूरी तरह से तैयार नही किया जा सकता लेकिन जब भूकंप की तरंगे  अपने केंद्र से चलेगी तब वो अपनी टेक्निक से उन तरंगों को नापकर उसकी सूचना अलग अलग शहरों को उन तरंगों के पहुंचने से पहले पहुंचा सकते  है जिससे कुछ सेकेंड का समय बचाव के लिए  लोगो को मिल सकता है उन्होंने बताया कि  रुड़की में इसका खतरा ज्यादा बना हुआ है  रुड़की में जो मकान और बिल्डिंग बने है वो ज़्यादातर भूकंप के अनुकूल नही है जिस पर भूकंप आने पर नुकसान ज़्यादा पहुच सकता है।

बाईट - प्रोफेसर योगेंद्र सिंह ( आई आई टी रुड़की )

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