रुड़की खेला ब्लू व्हेल गेम का खेल
नैनीताल घूमने के बहाने दो छात्राओं ने खेला ब्लू व्हेल गेम का 'खेल'

नैनीताल घूमने के लिए दसवीं की दो छात्राओं ने जो बहाना बनाया, उससे परिजनों और पुलिस की घंटों सांसें अटकी रहीं। लोकेशन ट्रेस होने के बाद मंगलवार सुबह हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर उनकी सकुशल बरामदगी के बाद ही सभी ने राहत की सांस ली। इनमें एक छात्रा अपने घर पर ब्लू व्हेल गेम का आखिरी टास्क पूरा करने और दूसरी आत्महत्या करने जा रही हूं लिखा पत्र छोड़ गई थी। यह दोनों दोस्त हैं। 

दरअसल, सोमवार शाम को दोनों के परिजनों ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को घर पर छोड़े पत्र भी सौंपे। एक छात्रा ने तो पत्र में यह भी जिक्र किया था कि अगर उसने गेम का टास्क पूरा नहीं किया तो वह उसके घरवालों को मार देंगे। इन पत्रों को पढ़कर पुलिस के भी होश उड़ गए। अनहोनी की आशंका के चलते पूरी रात पुलिस और परिवार के सदस्य उनकी तलाश में रुड़की में गंगनहर किनारे और शहर की ऊंची इमारतों के आसपास करते रहे।

इसी बीच, पुलिस ने दोनों छात्राओं के मोबाइल भी सर्विलांस पर लगा दिए। परिजनों और पुलिस ने मंगलवार सुबह तब चैन की सांस ली, जब हल्द्वानी से पुलिस का फोन आया। वहां की पुलिस ने लापता छात्राओं के हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर मिलने की सूचना दी। 

नैनीताल जिले के बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि दोनों छात्राएं मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दून एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पहुंचीं। उन्हें देखकर लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती हैं, तीन दिन पहले उनका नैनीताल घूमने का प्लान बना। सोमवार सुबह वह घर से स्कूल के लिए निकलीं थी। बैग में एक-एक जोड़ी कपड़े भी लाई थीं। स्कूल यूनीफॉर्म बदलकर दोनों बस में बैठकर बिजनौर जिले के धामपुर पहुंचीं। वहां से रात में दून एक्सप्रेस में बैठकर हल्द्वानी आ गईं। अपराह्न बनभूलपुरा थाने की पुलिस ने दोनों छात्राओं को रुड़की से आई पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया। 

इधर, रुड़की कोतवाली की प्रभारी निरीक्षक साधना त्यागी के अनुसार पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि घर वाले उन्हें घूमने जाने की इजाजत नहीं देते, इसीलिए उन्होंने अपने घरों पर गुमराह करने वाले पत्र लिखकर छोड़े। 

एक-एक हजार रुपये लेकर चलीं थी 

पुलिस के अनुसार दोनों छात्राएं अपने घर से एक-एक हजार रुपये लेकर चली थी। इसमें से उन्होंने लगभग तीन सौ रुपये ही खर्च किए थे। बताया कि बेटिकट ट्रेन का सफर करके हल्द्वानी पहुंचे थे। यहां उनका अब नैनीताल जाने का प्लान था। 

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