ब्लू व्हेल गेम पर बैन की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
चंडीगढ़.

चंडीगढ़. बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रहे चर्चित ब्लू व्हेल गेम पर बैन की मांग करते हुए एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई। सोमवार को हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि हमारे भी बच्चे हैं और जब से इस गेम की वजह से बच्चों के सुसाइड करने के मामले सामने आ रहे हैं तभी से कई पेरेंट्स काफी डरे हुए हैं।

- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट हितेश कप्लीश ने यह याचिका दायर की है। उन्होंने याचिका में कहा कि हाल ही में दो बच्चों ने इस गेम का टारगेट पूरा करते हुए सुसाइड करने की कोशिश की।

-गेम इस तरह से बनाई गई है कि बच्चे इससे आकर्षित हो और इसका टारगेट पूरा करने में जी जान से जुटे हैं।

-याचि ने कहा कि यह गेम आखिरी पड़ाव में जाकर जानलेवा हो जाती है। जहां सुसाइड करने तक के टारगेट दिए जा रहे हैं।

-याचि ने कहा कि उनके भी दो बच्चे हैं। ऐसे में इस गेम के डर से वह भी अछूते नहीं हैं।

-इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस अनिल रावत की खंडपीट ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर के लिए नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

- हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार उन सर्च इंजन पर रोक लगाए जहां से एक गेम डाउनलोड होती है।

हाल में ही पंजाब में मानसिक तनाव से परेशान एक छात्र सिविल अस्पताल पहुंचा था...

हैलो मैम! मैं ही नहीं कई और छात्र भी शेयर ईट के जरिए मोबाइल पर ब्लू व्हेल जैसी कई और गेम्स में फंसे हुए हैं।

हम रात-रात भर सो नहीं पाते और पेरेंट्स सोचते हैं कि हम रात भर जागकर स्टडी कर रहे हैं जबकि असलियत यह है कि गेमो में फंसकर छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

प्लीज हमें तनाव से छुटकारा दिलवाया जाए, हम आपसे पर्सनल मिलकर काउंसलिंग इलाज करवाना चाहते हैं। इस बारे में किसी को पता ना चले।

यह हकीकत एक छात्रा ने 6 सितंबर की रात मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर सोनिया मिश्रा को फोन कर बयां की।

वहीं, 7 सितंबर को इंटरनेट से डाउनलोड गेम्स नेट सर्फिंग में फंसा एक छात्र मानसिक परेशानी के चलते सिविल अस्पताल पहुंचा और परेशानी बताई थी।

दरअसल, पठानकोट में ब्लू व्हेल गेम में फंसे आर्मी स्कूल के छात्र का मामला सामने आने के बाद हेल्थ विभाग ने छात्रों की काउंसलिंग कराई थी।ब्लू व्हेल गेम में फंसे छात्र का मामला सामने आने पर अब डीसी नीलिमा ने सभी सरकारी, प्राइवेट और एडिड स्कूलों में छात्रों की काउंसलिंग करने और उन्हें अवेयर करने के आदेश दिए हैं। हेल्थ विभाग ने सिटी में 10 टीमें बनाई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में रोज 2 काउंसलर शहर के निजी स्कूलों 8 टीमें सरकारी स्कूलों में जाकर स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे और काउंसलिंग भी की जाएगी।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations



Disqus Conversations