फर्जी बाबा मामले में आसाराम ने साधी चुप्पी, ज्यादा पूछने पर मुंह पर रखी अंगुली
जोधपुर

जोधपुर. अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम को सोमवार को नियमित सुनवाई के तहत एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया। उसके मामले में गवाह के नहीं आने से सुनवाई टल गई, अब इस मामले में 13 सितंबर को सुनवाई होगी। सोमवार को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच आसाराम को लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट में उसके कुछ समर्थक भी पहुंचे थे। आसाराम को सीधा कोर्ट रूम ले जाया गया। कोर्ट में उसने सिरदर्द बताया और कहा कि तबीयत नासाज है। गवाह के नहीं आने के कारण सुनवाई टल गई और आसाराम को जल्दी ही कोर्ट रूम से बाहर लाया गया।

वैन में बैठने से पहले मीडिया ने जब उससे पूछा कि अखाड़ा परिषद ने एक सूची जारी कर 14 संतों को फर्जी बाबा घोषित किया है और उसमें उसका भी नाम है, इस पर क्या कहना है? इस सवाल पर उसने कुछ भी जवाब नहीं दिया और चुप्पी साध ली। जब मीडिया ने दबाव डाला तो उसने मुंह पर अंगुली रखते हुए चुप रहने का इशारा किया। आसाराम के अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने जरूर इस मामले में जवाब देते हुए कहा कि चार लोग कौन होते हैं जो यह तय करेंगे कि आसाराम संत है या नहीं? उन्हें यह अधिकार किसने दिया कि वे आसाराम को फर्जी घोषित करें?

जेल में सुनवाई शिफ्ट करने के मामले में हाईकोर्ट में अब 3 को सुनवाई

हाईकोर्ट में न्यायाधीश गोविंद माथुर व विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ में आसाराम की सुनवाई जेल में शिफ्ट करने के मामले में सुनवाई हुई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। आसाराम के समर्थकों द्वारा न्यूसेंस करने के कारण पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आसाराम मामले की सुनवाई जेल में शिफ्ट करने का आग्रह किया था। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर भी आसाराम के अधिवक्ता को सर्किट हाउस से कोर्ट तक समर्थकों की मौजूदगी रोकने के निर्देश दिए थे।

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