अंबाला जेल में ब्लास्ट करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
यमुनानगर

अंबाला जेल में ब्लास्ट करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

यमुनानगर:यमुनानगर की CIA वन शाखा ने अंबाला के एसपी अभिषेक जोरवाल को फोन पर अंबाला जेल में ब्लास्ट करने की धमकी देने वाले शख्स को पकड़ लिया था। पकड़े गए आरोपी ने अंबाला जेल में बंद इकबाल कुरेशी को छोड़ने के अलावा 50 लाख रुपए की भी मांग की थी। आरोपी ने यमुनानगर के पुलिस कंट्रोल रुम में भी धमकी दी थी। विशाल मल्होत्रा नाम के आरोपी को पुलिस ने उसके घर से ही पकड़ा है। उसको आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि मामले का खुलासा हो सके। उल्लेखनीय है कि आरोपी ने शहर में जगह-जगह बम विस्फोट करने की धमकी पुलिस को दी थी। ये भी कहा था कि इतने बम फटेंगे कि लाशों को रखने तक की जगह नहीं मिलेगी। इस हरकत ने उस पर देशद्रोह का मुकद्दमा दर्ज कर दिया। 

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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने धमकी देने की बात को कबूल कर लिया है। 37 वर्षीय विशाल मल्होत्रा अंबाला शहर की फ्रेंडस कॉलोनी में रहता है। उसके अलावा परिवार में उसकी पत्नी राजविंद्र कौर व साढ़े तीन साल का बेटा भी है। जबकि सात साल की बेटी बाल गृह पंचकूला में रहती है। विशाल की पत्नी राजविंद्र कौर की मुलाकात रादौर के गुमथला निवासी इकबाल कुरैशी की पत्नी शाइना कुरैशी के साथ कुछ साल पहले बस में सफर करते हुए हुई थी। तब से दोनों दोस्त बन गई थी। कुछ दिन बाद इकबाल कुरैशी ने भी विशाल के घर आना जाना शुरू कर दिया। 

इसी दौरान इकबाल का राजविंद्र कौर से प्रेम प्रसंग हो गया। इसी बीच इकबाल राजविंद्र को उसके घर से ले भागा। विशाल ने तब इकबाल पर पत्नी के अपहरण का मुकद्दमा दर्ज कराया था। इसी दौरान विशाल की सात वर्षीय बेटी ने अपने पिता को बताया कि इकबाल ने उसके साथ भी अश्लील हरकत की थी। तब विशाल ने उस पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इकबाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विशाल की बेटी को बाल गृह पंचकूला भेज दिया गया इसलिए विशाल ने अपनी पत्नी को भी जेल पहुंचाने की योजना बनाई।

विशाल जानता था कि यदि उसकी पत्नी भी जेल चली जाए तो उसे अपनी बेटी मिल सकती है। उसने राजविंद्र कौर के सिम से अंबाला एसपी व यमुनानगर पुलिस को धमकी देने की साजिश रची।19 अगस्त की रात विशाल मल्होत्रा ने अपनी पत्नी के पास से एक सिम कार्ड चोरी कर लिया। शाहबाद से होते हुए रादौर पहुंच गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए विशाल ने एक सस्ता मोबाइल खरीदा था। सिम मोबाइल में डाल कर उसने 20 अगस्त की सुबह साढ़े तीन बजे उसने पहले अंबाला एसपी को और फिर यमुनानगर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर इकबाल कुरैशी की रिहाई के लिए फोन किया था।

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