जेल में बंद जाटों के परिवारों को संघर्ष समिति देगी आर्थिक मदद
Jat Aarkshan Aandolan Dharana

आरक्षण के दौरान जेल में बंद जाटों के परिवारों को संघर्ष समिति देगी आर्थिक मदद

धनाना गांव में धरने का दूसरा दिन रहा शांतिपूर्ण, भिवानी में जजों की कोठियों पर फोर्स तैनात

भिवानी।  जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर हरियाणा के जाट बाहुल्य 18 जिलों में दिए जा रहे धरनों के दूसरे दिन आज सोमवार को जिले के गांव धनाना में धरना जारी रहा। धनाना के भिवानी-जींद मार्ग के साथ लगती चौपाल पर दिए जा रहे धरने के दूसरे दिन की अध्यक्षता जाटू खाप के प्रधान सुबेदार राजमल घणघस ने ही की। गांवों से सुबह ही धरने पर जाट समुदाय के लोग पहुंचने शुरू हो गए थे। परन्तु आज दूसरे दिन धरने पर बैठे लोगों में जोश भी कम था और संख्या भी आपेक्षित कम रही। जबकि उम्मीद की जा रही थी कि दूसरे दिन धरने पर लोगों की संख्या बढ़ेगी? पर ऐसा हुआ नहीं। आज भी धरने में भाग लेने के लिए महिलाएं नहीं पहुंची। युवाओं ने भी धरने पर जाने से परहेज रखा। क्योकि सरकार ऐसी घोषणा पहले कर चुकी है कि धरना, जाम या प्रदर्शन में भाग लेने वाले युवकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इस घोषणा का असर धरने पर साफ दिखाई दे रहा है। धरने पर ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन प्रेम कुमार, पूर्व सरपंच रणबीर सिंह व किरपाल सिंह, धनाना-तृतीय के सरपंच नीतू, सतबीर पानू, राजकुमार मुंढाल, दिवान जाखड़, बलवान सिंह विशेष रूप से शामिल थे। धरने पर बैठे मास्टर हवासिंह डेली ने रागनियों से जाटों का इतिहास बताया। उनकी गाई रागनियों को लोगों ने चाव से सुना। सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों ने जम कर कई बार नारेबाजी की। आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव कुलदीप घनघस सहित दूसरे जााट नेताओं ने धरने पर भाषण भी किया। वक्ताओं ने अपनी मांगों को दोहराया। यह भी कहा गया कि जाट सतुदाय के जेलों में बंद लोगों के परिवारों की आर्थिक सहायता की जाए। अपने समुदाय से धन इकत्रित कर इनकी रिहाई के लिए अच्छे वकीलों की व्यवस्था की जाए। उपस्थितजनों ने इसका समर्थन किया। धरने के समीप कोई पुलिस व्यवस्था नहीं थी पर सीआईडी के लोग हालातों पर नजरें रखे हुए थे। परन्तु सोमवार का दिन क्षेत्र में पूरी शांति से गुजरा। भिवानी शहर में नित्य-प्रतिदिन की दिनचर्या सामान्य रही। लेकिन जजों की कोठियों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जजों की कोठियों पर फोर्स लगाई गई है। ताकि कोई असामाजिक तत्व शरारत न कर सके।

धनाना गांव में धरने का दूसरा दिन

धनाना गांव में धरने का दूसरा दिन

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